उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज, बिहार से पहुंचीं 12 हजार नई ईवीएम मशीनें; निर्वाचन आयोग ने शुरू की व्यवस्थाएं
देहरादून।
उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने तैयारियों को गति दे दी है। चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से राज्य को बड़ी संख्या में नई इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (EVM) उपलब्ध कराई गई हैं। बिहार से लगभग 12 हजार नई ईवीएम मशीनें उत्तराखंड पहुंच चुकी हैं, जिनके आने के बाद चुनावी तैयारियां और तेज हो गई हैं।
जानकारी के अनुसार, नई ईवीएम मशीनों को राज्य के विभिन्न सुरक्षित स्ट्रॉन्ग रूम में रखा जा रहा है। इन मशीनों का चरणबद्ध तरीके से तकनीकी परीक्षण (एफएलसी – फर्स्ट लेवल चेकिंग) किया जाएगा। इस प्रक्रिया में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अधिकृत इंजीनियर मशीनों की बारीकी से जांच करेंगे, ताकि मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या की संभावना न रहे।
निर्वाचन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, जांच पूरी होने के बाद मशीनों को जिलेवार आवंटित किया जाएगा। चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद इन्हें मतदान केंद्रों तक पहुंचाने की विस्तृत कार्ययोजना लागू की जाएगी। प्रत्येक चरण में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जिससे चुनाव प्रणाली पर जनता का भरोसा और मजबूत हो।
उत्तराखंड में मतदान केंद्रों की संख्या, मतदाताओं की बढ़ती संख्या और रिजर्व मशीनों की आवश्यकता को देखते हुए नई ईवीएम मशीनों की उपलब्धता को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे पुराने उपकरणों पर निर्भरता कम होगी और चुनावी प्रक्रिया अधिक सुचारु ढंग से संचालित की जा सकेगी।
निर्वाचन आयोग पहले से ही मतदाता सूची के पुनरीक्षण, मतदान केंद्रों के सत्यापन, चुनावी कर्मियों के प्रशिक्षण तथा आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता जैसे कार्यों में जुटा हुआ है। नई ईवीएम मशीनों के पहुंचने के साथ ही यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि राज्य में विधानसभा चुनाव की तैयारियां अब निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुकी हैं।
निर्वाचन विभाग का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में पारदर्शिता, निष्पक्षता और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि मतदाता बिना किसी व्यवधान के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
रिपोर्ट चीफ एडिटर राहुल दुमका






