नागालैंड में एक बड़े मिशन के दौरान तेज सिंह मेहता ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए बाएं पैर में 12 गोलियाँ और दाहिने पैर में एक गोली लगने के बावजूद मोर्चा संभाले रखा