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75 साल का सफर — आत्मनिर्भर भारत की मिसाल बना नैनीताल दुग्ध संघ “आंचल”

75 साल का सफर — आत्मनिर्भर भारत की मिसाल बना नैनीताल दुग्ध संघ “आंचल”

लालकुआं। चीफ एडिटर राहुल दुमका की रिपोर्ट

नैनीताल जिले की श्वेत क्रांति की कहानी आज 75 वर्षों के सुनहरे मुकाम पर पहुंच गई है। यह कहानी उन 29 हजार से अधिक दुग्ध उत्पादकों की है, जिनकी हर सुबह का सूरज उनके आंगन में बंधी गायों के साथ उगता है, और हर शाम उनकी मेहनत की बूंदें “आंचल” के नाम से पूरे उत्तराखंड में मिठास घोलती हैं।

प्रदेश के सबसे बड़े दुग्ध उत्पादक संगठन नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड ने शनिवार को अपनी डायमंड जुबली वर्षगांठ का भव्य आयोजन संकल्प बैंक्विट हॉल, हल्द्वानी में किया।
समारोह में मेयर गजराज बिष्ट, वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री बंशीधर भगत, पूर्व अध्यक्ष संजय किरौला, दुग्ध संघ अध्यक्ष मुकेश बोरा, संचालक मंडल के सदस्य किशन सिंह, हेमा देवी, दीपा देवी रैकवाल, कृष्ण कुमार, गोविंद सिंह मेहता, कश्ती देवी, पुष्पा देवी, नामित सदस्य राज्य सरकार आनंद सिंह नेगी, प्रबंध निदेशक ई.आर.एम. तिवारी, निदेशक डेयरी विकास विभाग लीलाधर सागर, तथा सचिव अनुराग शर्मा समेत सैकड़ों दुग्ध उत्पादक, समिति सचिव और पंचायत प्रतिनिधि शामिल रहे।


🌼 “हर बूंद में किसान का पसीना, हर सफलता में उसकी मुस्कान”

कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन से हुआ।
अध्यक्ष मुकेश बोरा ने भावुक शब्दों में कहा —

“यह 75 साल सिर्फ दूध की यात्रा नहीं, बल्कि गांव, किसान और समाज के विकास की यात्रा है। हर किसान, हर महिला, हर परिवार जिसने एक-एक बूंद से इस संघ को सींचा है, वही आज की असली शक्ति है।”


🧾 महत्वपूर्ण निर्णय — किसानों को मिला राहत और सम्मान का तोहफा

वार्षिक सामान्य निकाय बैठक में वर्ष 2025–26 के बजट के साथ कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
सबसे अहम प्रस्ताव —
➡️ फरवरी 2026 से दूध की कीमत ₹2 प्रति लीटर बढ़ाने का फैसला, जिससे किसानों को उनके परिश्रम का उचित मूल्य मिल सके।

बैठक में यह भी तय किया गया कि दूध से बनने वाले उत्पाद जैसे घी, मक्खन, दही, पनीर और मिठाइयों की मार्केटिंग को नई दिशा दी जाएगी, ताकि ‘आंचल’ ब्रांड को राज्य से आगे राष्ट्रीय पहचान मिल सके।


🐄 मुख्यमंत्री की योजनाओं से दुग्ध उत्पादकों को नई उड़ान

बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश में “श्वेत क्रांति” को नई गति मिली है।
दुग्ध उत्पादकों के हित में लागू की गई योजनाओं ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा भरी है —

1️⃣ दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन योजना के तहत ₹4 प्रति लीटर प्रोत्साहन राशि।
2️⃣ पशुधन किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से कम ब्याज पर ऋण सुविधा।
3️⃣ एनसीडीसी योजना के तहत 2, 3 और 5 पशु इकाई पर सामान्य वर्ग को 50% तथा महिला/अनुसूचित जाति वर्ग को 75% तक अनुदान।
4️⃣ पशु आहार पर अनुदान: पर्वतीय क्षेत्रों में ₹6 प्रति किलो, मैदानी क्षेत्रों में ₹4 प्रति किलो।
5️⃣ साइलेंज पर 75%, फीड ब्लॉक पर 50% अनुदान।
6️⃣ दुग्ध समिति सचिवों को प्रति लीटर 50 पैसे सचिव प्रोत्साहन मानदेय।
7️⃣ मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना के तहत आंगनबाड़ी के बच्चों को निशुल्क मीठा दूध।
8️⃣ आंचल दूध, लस्सी व छाछ अब आधुनिक टेट्रा पैक में भी उपलब्ध।
9️⃣ निराश्रित पशुओं के संरक्षण हेतु गौशालाओं का निर्माण।
🔟 1962 हेल्पलाइन के माध्यम से घायल या बीमार पशुओं के लिए मुफ्त मोबाइल पशु चिकित्सा सेवा।


🧈 “आंचल” — आत्मनिर्भरता और शुद्धता का प्रतीक

संघ का उद्देश्य अब स्पष्ट है —
गांव में उत्पादित हर बूंद सीधे किसान की जेब तक पहुंचे, और उपभोक्ता तक पहुंचे शुद्धता और विश्वास।
अध्यक्ष मुकेश बोरा ने कहा —

“हम सिर्फ दूध नहीं बेच रहे, हम भरोसा बेच रहे हैं — गांवों की खुशहाली का भरोसा।”


🐮 गांव से विकास तक — 75 साल की उजली यात्रा

वार्षिक बजट में उत्पादन, भंडारण, परिवहन, पशु चिकित्सा सेवाओं और महिला दुग्ध समितियों के सशक्तीकरण को प्राथमिकता दी गई।
पिछले सात दशकों में संघ ने न केवल दुग्ध उत्पादकों को आर्थिक सहारा दिया, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता और स्वावलंबन का रास्ता भी दिखाया।

आज नैनीताल दुग्ध संघ “आंचल” केवल एक ब्रांड नहीं, बल्कि विश्वसनीयता और आत्मनिर्भरता की पहचान बन चुका है —
एक ऐसी मिसाल, जो उत्तराखंड ही नहीं, पूरे देश के दुग्ध सहकारी संगठनों के लिए सफलता का मॉडल है।

बाइट – लाल कुआं  दुग्ध संघ अध्यक्ष मुकेश बोरा

 

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Author: zubaantak24x7

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