हल्द्वानी: जंगल में लकड़ी माफियाओं का साम्राज्य, 81 खैर के पेड़ चट कर गए तस्कर
विभाग की लापरवाही उजागर, रेंजर निलंबित – पहले ही गिरे थे कई अफसर
हल्द्वानी।
जंगलों के असली दुश्मन साबित हो रहे लकड़ी तस्करों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि उन्होंने वन विभाग को ठेंगा दिखाते हुए खैर के 81 हरे-भरे पेड़ों पर आरी चला दी। मोटाहल्दू बीट के जंगलों में हुई इस बड़ी तस्करी ने विभागीय लापरवाही और साठगांठ की पोल खोल दी है।
13 जुलाई को जब मामला सामने आया, तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। जांच में साफ हुआ कि यह काम किसी छोटे गिरोह का नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर सक्रिय माफिया नेटवर्क का है। सवाल उठने लगे कि आखिर दर्जनों पेड़ों को काटने की भनक तक वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को कैसे नहीं लगी? क्या तस्करों और अफसरों के बीच गहरी मिलीभगत है?
पहले ही इस मामले में एक वन आरक्षी और डिप्टी रेंजर पर गाज गिर चुकी थी। अब प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) डॉ. समीर सिन्हा ने कड़ा कदम उठाते हुए रेंजर आनंद कुमार को निलंबित कर अल्मोड़ा अटैच कर दिया है।
स्थानीय लोग अब पूछ रहे हैं –
👉 “क्या केवल निलंबन से जंगल बच पाएंगे?”
👉 “या फिर यह कार्रवाई सिर्फ खानापूर्ति है?”
जंगलों की हरियाली को तस्कर चंद पैसों के लालच में लील रहे हैं, और विभाग की नाकामी ने इस हरियाली को लालच की आरी पर चढ़ा दिया है।







