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वाहन स्वामियों के उत्पीड़न के खिलाफ बनेगी वाहन चालक कल्याण समिति
13 सितंबर को इमलीघाट मैदान में होगी पहली निर्णायक बैठक
लालकुआं।
क्षेत्र में लंबे समय से वाहन चालकों के उत्पीड़न और शोषण की आवाज़ें उठ रही थीं, लेकिन अब यह आवाज़ आंदोलन का रूप लेने जा रही है। मनमाने तरीके से काम करवाना, उचित वेतन न देना और मामूली वजह पर नौकरी से निकाल देना—ये वो ज्वलंत मुद्दे हैं जिन्होंने चालकों को एकजुट होने पर मजबूर कर दिया है।
बीमा और दुर्घटनाओं में भी होती है अनदेखी
चालकों का कहना है कि सड़क हादसे या बीमा संबंधी मामलों में वाहन मालिक अक्सर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं। ऐसे में चालक और उनका परिवार आर्थिक व मानसिक संकटों से जूझने को मजबूर हो जाता है।
13 सितंबर को ऐतिहासिक बैठक
इन्हीं समस्याओं से निजात पाने और अपने हक़ की लड़ाई लड़ने के लिए वाहन चालक कल्याण समिति का गठन किया जा रहा है। समिति की पहली बैठक 13 सितंबर (शनिवार) को शाम 4 बजे लालकुआं स्थित इमलीघाट मैदान में होगी। इसमें सभी चालकों को आमंत्रित किया गया है।
“अब नहीं सहेंगे शोषण”
समिति के संयोजक हुकम सिंह कोरंगा और परवीन सिंह का कहना है कि यह संगठन चालकों के अधिकारों की रक्षा में निर्णायक भूमिका निभाएगा। उन्होंने साफ कहा—“अब चालकों के साथ अन्याय और शोषण बर्दाश्त नहीं होगा।”
पीयूष जोशी बने संरक्षक
इसी सिलसिले में उत्तराखंड वाहन चालक संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों ने सामाजिक कार्यकर्ता पीयूष जोशी से मुलाकात की और उन्हें समिति से बतौर संरक्षक जुड़ने का आग्रह किया।
श्री जोशी ने इसे चालकों की ऐतिहासिक लड़ाई बताते हुए कहा,
“जिस तरह श्रमिकों, छात्रों और बेरोजगार युवाओं की आवाज़ को एकजुट किया गया, उसी तरह अब चालकों के हक़ के लिए भी निर्णायक संघर्ष लड़ा जाएगा।”
बड़ी अपील
पीयूष जोशी ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में 13 सितंबर को इमलीघाट मैदान पहुंचें और इस ऐतिहासिक शुरुआत का हिस्सा बनें।
चीफ एडिटर राहुल दुमका







