नैनीताल में भीषण अग्निकांड: ‘ओल्ड लंदन हाउस’ राख, 85 वर्षीय बुजुर्ग महिला की दर्दनाक मौत
नैनीताल। सरोवर नगरी के दिल कहे जाने वाले मल्लीताल के मोहन चौराहे पर बुधवार देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब ऐतिहासिक ‘ओल्ड लंदन हाउस’ भवन आग की लपटों में घिर गया। देखते ही देखते लकड़ी का बना यह पुराना घर भस्म हो गया और अंदर मौजूद 85 वर्षीय शानो देवी की जलकर मौत हो गई। घटना ने पूरे नैनीताल शहर को दहला दिया।
गवाहों के मुताबिक रात करीब 10:04 बजे अचानक उठी लपटों ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भयावह थी कि बाजार के लोग भी सहम उठे। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर दौड़े और दमकल विभाग, पुलिस व प्रशासन को खबर दी।
12 से अधिक फायर टेंडर और सेना तक को बुलाना पड़ा
भवन पुराना और लकड़ी का बना होने के कारण आग की लपटें इतनी तेज थीं कि रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद मुश्किल हो गया। जिलाधिकारी वंदना के निर्देश पर हल्द्वानी, रामनगर, भीमताल, अल्मोड़ा, रानीखेत, सितारगंज और रुद्रपुर तक से फायर ब्रिगेड और पानी के टैंकर मंगवाए गए। यहां तक कि सेना और एयरफोर्स के अग्निशमन वाहन और टीमें भी मौके पर पहुंचीं।
करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आधी रात के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान पुलिस, SDRF, NDRF, जल संस्थान, स्वास्थ्य विभाग, यूपीसीएल सहित तमाम विभाग मौके पर डटे रहे।
“पूरे बाजार को बचाया गया” – IG रिद्धिम अग्रवाल
कुमाऊं की पुलिस महानिरीक्षक रिद्धिम अग्रवाल ने कहा कि दमकल विभाग की तत्परता और स्थानीय नागरिकों की मदद से आग को फैलने से रोका जा सका। अगर लपटें और भड़कतीं तो पूरा बाजार इसकी चपेट में आ सकता था।
राजनीतिक और प्रशासनिक अमला मौके पर
आग की सूचना पर स्थानीय विधायक सरिता आर्य, SSP नैनीताल पी.एन. मीणा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्र, ADM शैलेंद्र सिंह नेगी और SDM नवाजिश खालिक सहित आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्यों का जायजा लिया।
शॉर्ट सर्किट से लगी आग की आशंका
प्रशासनिक अधिकारियों ने शुरुआती जांच में आग का कारण शॉर्ट सर्किट माना है। फिलहाल, पुलिस ने बुजुर्ग महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
स्थानीय लोग सदमे में
नैनीताल का यह भीषण अग्निकांड न सिर्फ एक ऐतिहासिक भवन को खा गया बल्कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर गया है। स्थानीय नागरिकों ने कहा कि यदि तुरंत इतने बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन न होता तो शहर का एक बड़ा हिस्सा राख में तब्दील हो सकता था।
चीफ एडिटर राहुल दुमका







