भाजपा युवा मोर्चा नेता पर गाज, ठगी के आरोप में आत्महत्या के बाद मचा बवाल
देहरादून/श्रीनगर।
उत्तराखंड की सियासत एक बार फिर भूचाल की चपेट में है। श्रीनगर में डोईवाला निवासी जितेंद्र नेगी की सनसनीखेज आत्महत्या ने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया है। मामला सीधे भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के प्रदेश मंत्री हिमांशु चमोली से जुड़ने के बाद राजनीति गरमा गई है।
जितेंद्र नेगी ने मौत से ठीक पहले एक वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर अपलोड किया। वीडियो में उन्होंने हिमांशु चमोली पर 57 लाख से अधिक की ठगी का गंभीर आरोप लगाते हुए अपने साथ हुई लूट-खसोट का पूरा ब्यौरा दिया।
वीडियो में सामने आए आरोप चौंकाने वाले हैं—
- बार-बार महंगे मोबाइल फोन हिमांशु चमोली ने अपनी पत्नी और भाई के नाम पर नेगी से मंगवाए।
- जमीन दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठ लिए।
- यहां तक कि न्यूज़ चैनल/पोर्टल शुरू कराने के नाम पर भी भारी रकम वसूल ली।
नेगी का आरोप था कि जब उन्होंने पैसे वापस मांगे तो चमोली ने साफ इंकार कर दिया। यही धोखा और निराशा उन्हें मौत की ओर धकेल गई।
भाजपा में हड़कंप, मंत्री पद से हटाए गए
जैसे ही वीडियो वायरल हुआ और पुलिस ने हिमांशु चमोली को हिरासत में लिया, भाजपा नेतृत्व ने तुरंत सख्त कदम उठाया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर BJYM प्रदेश अध्यक्ष शशांक रावत ने चमोली को उनके पद से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह ने पुष्टि की है कि हिमांशु चमोली को हिरासत में ले लिया गया है और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
शोक में डूबा मोहल्ला
उधर, जितेंद्र नेगी का डोईवाला स्थित घर फिलहाल बंद मिला। परिजन श्रीनगर के लिए रवाना हो चुके हैं। पूरे मोहल्ले में शोक और स्तब्धता का माहौल है। लोग कह रहे हैं कि जितेंद्र मिलनसार और सरल स्वभाव के थे, कभी सोचा भी नहीं था कि वे इस तरह का कदम उठाएंगे।
राजनीतिक हलचल
इस घटना ने प्रदेश की राजनीति को झकझोर दिया है। विपक्ष अब भाजपा पर हमलावर हो गया है और सवाल उठा रहा है कि आखिर संगठन में ऐसे लोगों को जिम्मेदारी क्यों दी जाती है।
चीफ एडिटर राहुल दुमका







