🔴 गौलापार में सियासी भूचाल! निर्दलीय लीला बिष्ट ने भाजपा की ‘किलाबंदी’ तोड़ी, बेलवाल को दी करारी शिकस्त
हल्द्वानी।
जिला पंचायत चुनाव के नतीजों ने इस बार चौंकाया है, खासकर चोरगलिया-आमखेड़ा सीट पर हुए राजनीतिक उलटफेर ने सभी का ध्यान खींचा। यहां निर्दलीय प्रत्याशी लीला बिष्ट ने भाजपा समर्थित प्रत्याशी अनीता बेलवाल को भारी मतों से शिकस्त देकर न सिर्फ सियासी समीकरण बिगाड़ दिए, बल्कि यह जता दिया कि जनता अब बदलाव चाहती है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंडल अध्यक्ष मुकेश बेलवाल की पत्नी होने के बावजूद अनीता बेलवाल को जनता ने नकार दिया और लीला बिष्ट पर भरोसा जताया। जीत के बाद गौलापार और चोरगलिया में ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न का माहौल बन गया, समर्थकों ने आतिशबाज़ी कर खुशी का इज़हार किया।
“यह सिर्फ मेरी नहीं, पूरे क्षेत्र की जनता की जीत है” – जीत के बाद अपने पहले बयान में लीला बिष्ट ने यह बात कहते हुए साफ कर दिया कि वह जनभावनाओं की ताकत से जीतकर आई हैं। उन्होंने इस सफलता का श्रेय अपने पति अर्जुन बिष्ट की मेहनत और जनता के विश्वास को दिया।
लीला बिष्ट ने कहा कि उनकी प्राथमिकता अब क्षेत्र में तेज़ी से विकास कार्य शुरू करवाना और जनसमस्याओं का पारदर्शी समाधान करना है। उन्होंने यह भी वादा किया कि राजनीति में ईमानदारी और ज़मीनी जुड़ाव उनकी पहचान होगी।
🔹 महिला शक्ति का बढ़ता प्रभाव
इस चुनाव परिणाम ने एक और बड़ा संदेश दिया – महिलाएं अब सिर्फ वोटर नहीं, बल्कि लीडर बन रही हैं। लीला बिष्ट की यह धमाकेदार जीत उस बदलाव की प्रतीक है, जहां महिलाएं पारंपरिक पार्टियों की दीवारों को लांघकर अपनी पहचान बना रही हैं।
इस जीत ने भाजपा को दिया बड़ा झटका, और क्षेत्र की राजनीति को एक नई दिशा। अब देखना यह होगा कि लीला बिष्ट अपने वादों को कैसे अमल में लाती हैं – लेकिन एक बात तय है, चोरगलिया की राजनीति अब पहले जैसी नहीं रहेगी।
चीफ एडिटर राहुल दुमका







