स्कूल बस किराया बढ़ोतरी पर यू-टर्न! अभिभावकों को बड़ी राहत, छोटे शहरों में नहीं बढ़ेगा किराया
देहरादून। राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) के स्कूल बस किराया बढ़ाने के फैसले पर अब बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। बढ़ती महंगाई के बीच अभिभावकों पर अतिरिक्त बोझ डालने वाले इस फैसले पर पुनर्विचार शुरू हो गया है, जिससे लाखों परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
दरअसल, 25 मार्च को देहरादून में हुई एसटीए की बैठक में स्कूल बसों का न्यूनतम किराया 2200 रुपये तय किया गया था। इस फैसले के बाद खासकर छोटे शहरों के अभिभावकों में नाराजगी बढ़ गई थी, क्योंकि इससे उनकी जेब पर सीधा असर पड़ना तय था।
जनदबाव और विरोध के बीच अब परिवहन विभाग बैकफुट पर नजर आ रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही संशोधित आदेश जारी किया जाएगा, जिसमें छोटे शहरों के लिए स्कूल बस किराया नहीं बढ़ाने का प्रावधान शामिल होगा। संभावना है कि अगले कुछ दिनों में यह आदेश जारी हो जाएगा, ताकि नए शैक्षणिक सत्र में अभिभावकों को राहत मिल सके।
परिवहन आयुक्त उत्तराखंड शासन बृजेश कुमार संत ने भी साफ किया कि फिलहाल किराया बढ़ाने का कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। उन्होंने कहा,
“छोटे शहरों में स्कूल बसों के किराये में किसी तरह की वृद्धि नहीं की जाएगी। एसटीए की बैठक में लिए गए निर्णयों के आदेश दो से तीन दिन में जारी कर दिए जाएंगे। अभिभावकों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।”
इस संभावित फैसले ने अभिभावकों के चेहरों पर राहत की मुस्कान ला दी है। अब सबकी निगाहें सरकार के आधिकारिक आदेश पर टिकी हैं, जो तय करेगा कि नए सत्र में बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ अभिभावकों की जेब पर कितना असर पड़ेगा।
चीफ एडिटर – राहुल दुम्का






