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नागालैंड में एक बड़े मिशन के दौरान तेज सिंह मेहता ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए बाएं पैर में 12 गोलियाँ और दाहिने पैर में एक गोली लगने के बावजूद मोर्चा संभाले रखा

हल्द्वानी।

असम राइफल्स के वीर जवानों को सम्मान देने की मुहिम अब ज़मीन पर और मजबूती से उतर रही है। डीजी लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा के निर्देश पर देशभर में ऐसे बहादुर पूर्व सैनिकों को खोजकर सम्मानित किया जा रहा है, जिन्होंने अपने साहस से न केवल फोर्स का, बल्कि राष्ट्र का मान बढ़ाया है। इसी कड़ी में बृहस्पतिवार को असम राइफल्स के सहायक कमांडेंट सुदीप लामा हल्द्वानी के कठघरिया पहुंचे, जहां उन्होंने स्थानीय निवासी नायक (सेवानिवृत्त) तेज सिंह मेहता को सम्मानित कर आर्थिक सहायता भी प्रदान की।

सहायक कमांडेंट सुदीप लामा ने बताया कि असम राइफल्स अपने प्रत्येक बहादुर जवान के योगदान को याद रखने की परंपरा निभाता आया है। पिछले वर्ष तेज प्रताप नामक जवान को सम्मानित करने के दौरान उन्हें नायक तेज सिंह मेहता के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद डीजी के निर्देश पर उनके साहसिक योगदान की जानकारी जुटाई गई।

नागालैंड में एक बड़े मिशन के दौरान तेज सिंह मेहता ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए बाएं पैर में 12 गोलियाँ और दाहिने पैर में एक गोली लगने के बावजूद मोर्चा संभाले रखा। उनके इसी जज्बे ने कंपनी की प्रतिष्ठा और देश की सुरक्षा दोनों को मजबूत किया।

असम राइफल्स के अधिकारी ने कहा कि ऐसे योद्धाओं का सम्मान करना संगठन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सम्मान समारोह के दौरान स्थानीय लोगों ने भी तेज सिंह मेहता के साहस को सलाम किया।

चीफ एडिटर राहुल दुमका

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Author: zubaantak24x7

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