दुमकाबंगर में तेंदुए की दहशत, बच्चों की सुरक्षा पर संकट
ग्रामीणों की रातें करवटों में, महिलाएं सहमीं – वन विभाग से त्वरित कार्रवाई की मांग
हल्दूचौड़। संवाददाता
निकटवर्ती गांव दुमकाबंगर उमापति में इस समय डर का साया गहराया हुआ है। इंद्रा अकैडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल से सटी कालोनी में लगातार तेंदुए की आवाजाही ने पूरे इलाके को दहशतजदा कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि वे अब हर आहट को तेंदुए की दस्तक समझने लगे हैं।
बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ा सवाल बन गई है। अभिभावक अपने मासूमों को स्कूल भेजते वक्त हर वक्त चिंता में रहते हैं। महिलाएं बताती हैं कि शाम ढलते ही घर के आंगन में भी अजीब सा डर घिर आता है। कई परिवार अब अपने बच्चों को बाहर खेलने तक नहीं भेज पा रहे हैं।
ग्राम प्रधान निर्मला जग्गी पंवार और मुकेश दुमका ने वन विभाग से त्वरित कार्यवाही की मांग की। उनका कहना है कि अगर समय रहते तेंदुए को पकड़ा नहीं गया तो किसी भी दिन बड़ी अनहोनी हो सकती है।
निर्मला पंवार ने कहा – “गांव की गलियों और खेतों में तेंदुए की मौजूदगी ने हमें रातभर जागने पर मजबूर कर दिया है। लोग अब मार्निंग वॉक तक छोड़ चुके हैं। इस हालत में गांव के बच्चे सबसे ज्यादा असुरक्षित हैं।”
ग्रामीणों ने वन विभाग को चेतावनी दी है कि अगर जल्द पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ा नहीं गया, तो वे सामूहिक आंदोलन का सहारा लेंगे। लोगों का कहना है कि सिर्फ बयानबाजी से पेट नहीं भरता, बच्चों और बुजुर्गों की जान दांव पर है।
अब गांव का हर कोना, हर अंधेरा और हर झाड़ी ग्रामीणों के लिए खौफ का पर्याय बन चुकी है।
चीफ एडिटर राहुल दुमका







