अल्मोड़ा।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में आखिरकार बाजी भारतीय जनता पार्टी के हाथ लगी। एक रोमांचक और सांसें थाम देने वाले मुकाबले में भाजपा प्रत्याशी हेमा गैड़ा ने कांग्रेस प्रत्याशी सुनीता कुंजवाल को महज़ 4 वोटों से पछाड़ते हुए जीत का परचम लहराया।
यह मुकाबला सिर्फ वोटों का नहीं, बल्कि साख और प्रतिष्ठा का भी था, क्योंकि सुनीता कुंजवाल उत्तराखंड के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल की बहू हैं। नतीजों के ऐलान के साथ ही भाजपा खेमे में जश्न का माहौल बन गया, ढोल-नगाड़ों और पटाखों की गूंज ने शहर को चुनावी रंग में रंग दिया।
भाजपा को मिले 24 वोट जहां पार्टी की बढ़ती पकड़ का संकेत दे रहे हैं, वहीं कांग्रेस के लिए यह हार बड़ा राजनीतिक झटका है। करीबी हार ने न सिर्फ कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराया, बल्कि जिले में कांग्रेस की पकड़ पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह जीत भाजपा के लिए आगामी चुनावी रणनीति में “मनोबल बूस्टर” साबित होगी, जबकि कांग्रेस को अब अपनी जमीनी पकड़ और संगठनात्मक मजबूती पर पुनर्विचार करना होगा।
चीफ एडिटर राहुल दुमका







